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शिक्षाएँ और कथाएँ

दीपावली 2026: घर पर सरल लक्ष्मी पूजा विधि, क़दम-दर-क़दम (मुहूर्त और सामग्री सूची सहित)

इस दीपावली घर पर लक्ष्मी पूजा कर रहे हैं? यहाँ है सरल, क़दम-दर-क़दम पूजा विधि जिसे कोई भी कर सकता है, साथ में 2026 का मुहूर्त, आसान सामग्री सूची और आम गलतियाँ जिनसे बचना है।

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कमल पर विराजमान माँ लक्ष्मी (कमलात्मिका) की मूर्ति, दोनों ओर हाथी और दीपक
इस पृष्ठ पर
  1. दीपावली लक्ष्मी पूजा 2026: तिथि और मुहूर्त
  2. शुरू करने से पहले: सुबह के 3 काम
  3. 1. घर की, विशेषकर मुख्य द्वार की सफ़ाई
  4. 2. तोरण और रोशनी लगाएँ
  5. 3. पूजा स्थान सजाएँ
  6. लक्ष्मी पूजा सामग्री: क्या-क्या चाहिए
  7. सरल लक्ष्मी पूजा विधि, क़दम-दर-क़दम
  8. क़दम 1: तैयार हों
  9. क़दम 2: गणेश जी और माँ लक्ष्मी को स्थापित करें
  10. क़दम 3: दीपक जलाएँ और गणेश जी की वंदना करें
  11. क़दम 4: संकल्प लें
  12. क़दम 5: माँ लक्ष्मी का आवाहन और स्वागत
  13. क़दम 6: भोग लगाएँ
  14. क़दम 7: धन की पूजा करें
  15. क़दम 8: मंत्र जाप
  16. क़दम 9: आरती
  17. क़दम 10: पूरे घर को रोशन करें
  18. लोग अक्सर ये छोटी गलतियाँ करते हैं
  19. लक्ष्मी, कमला और रक्षा करने वाली माँ
  20. क्या आप अपने नाम से पूजा करवाना चाहते हैं?
  21. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
  22. दीपावली 2026 में लक्ष्मी पूजा का समय क्या है?
  23. क्या बिना पंडित के घर पर लक्ष्मी पूजा कर सकते हैं?
  24. पूजा के समय किस दिशा में बैठें?
  25. लक्ष्मी पूजा में कौन सा मंत्र जपें?
  26. माँ लक्ष्मी को क्या भोग लगाएँ?

हर साल दीपावली से एक हफ़्ता पहले वही सवाल आता है: "घर पर लक्ष्मी पूजा आख़िर करें कैसे?" हो सकता है अब तक माता-पिता ही पूजा करते आए हों और यह नए शहर में आपकी पहली दीपावली हो। या शायद इस बार आप इसे ठीक से करना चाहते हैं। यह सरल लक्ष्मी पूजा विधि आपको 2026 के मुहूर्त, छोटी सी सामग्री सूची और बिना किसी उलझन के, क़दम-दर-क़दम पूजा करना सिखाएगी।

दीपावली लक्ष्मी पूजा 2026: तिथि और मुहूर्त

  • दीपावली: रविवार, 8 नवंबर 2026
  • लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: लगभग शाम 5:55 से 7:50 बजे तक
  • प्रदोष काल (संध्या का समय): लगभग शाम 5:31 से 8:09 बजे तक

ये समय नई दिल्ली के अनुसार हैं, दूसरे शहरों में कुछ मिनट का अंतर होता है। यदि ठीक मुहूर्त छूट जाए तो चिंता न करें। प्रदोष काल में सच्चे मन से की गई पूजा ही सबसे महत्वपूर्ण है।

शुरू करने से पहले: सुबह के 3 काम

1. घर की, विशेषकर मुख्य द्वार की सफ़ाई

माना जाता है कि माँ लक्ष्मी स्वच्छ और रोशन घर में आती हैं। मुख्य द्वार बुहारें, देहरी पोंछें और छोटी सी रंगोली बनाएँ।

2. तोरण और रोशनी लगाएँ

मुख्य द्वार पर आम के पत्तों या गेंदे के फूलों का तोरण लगाएँ। शाम के लिए दीपक और लाइटें तैयार रखें।

3. पूजा स्थान सजाएँ

कोई साफ़ जगह चुनें, संभव हो तो उत्तर या पूर्व दिशा में। लकड़ी की चौकी रखें और उस पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएँ।

लक्ष्मी पूजा सामग्री: क्या-क्या चाहिए

कुछ कम हो तो परेशान न हों। जो है, उसे प्रेम से अर्पित करें।

  • माँ लक्ष्मी और श्री गणेश की मूर्ति या चित्र
  • जल से भरा कलश, कुछ आम के पत्ते और ऊपर नारियल
  • दीपक, घी या तेल, रुई की बत्तियाँ और माचिस
  • कुमकुम, हल्दी, अक्षत (चावल) और चंदन
  • ताज़े फूल, विशेषकर कमल या गेंदा, और एक माला
  • अगरबत्ती और कपूर
  • भोग के लिए मिठाई, खील, बताशे और फल
  • कुछ सिक्के या नकद, और आपकी बही-खाता या पर्स
  • घंटी और आरती के लिए एक थाली

सरल लक्ष्मी पूजा विधि, क़दम-दर-क़दम

क़दम 1: तैयार हों

स्नान करें, साफ़ कपड़े पहनें और परिवार को साथ बुलाएँ। चौकी के सामने आराम से बैठें।

क़दम 2: गणेश जी और माँ लक्ष्मी को स्थापित करें

गणेश जी को बाईं ओर और माँ लक्ष्मी को उनकी दाईं ओर रखें। सामने चावल की छोटी ढेरी पर कलश रखें।

क़दम 3: दीपक जलाएँ और गणेश जी की वंदना करें

घी का मुख्य दीपक जलाएँ। हर पूजा गणेश जी से शुरू होती है, इसलिए हाथ जोड़कर बोलें, "ॐ गं गणपतये नमः"।

क़दम 4: संकल्प लें

दाएँ हाथ में थोड़ा जल और चावल लें। अपना नाम, परिवार के नाम और अपनी प्रार्थना बोलें: स्वास्थ्य, शांति, समृद्धि। फिर उसे एक छोटी थाली में छोड़ दें।

क़दम 5: माँ लक्ष्मी का आवाहन और स्वागत

आँखें बंद करें और माँ लक्ष्मी को अपने घर आमंत्रित करें। जैसे किसी सम्मानित अतिथि का स्वागत करते हैं, वैसे ही उन्हें जल, फूल, कुमकुम, हल्दी और चावल अर्पित करें।

क़दम 6: भोग लगाएँ

मिठाई, खील, बताशे और फल मूर्तियों के सामने रखें।

क़दम 7: धन की पूजा करें

सिक्के, नकद, पर्स या बही-खाता माँ लक्ष्मी के सामने रखें। थोड़ा कुमकुम लगाएँ और प्रार्थना करें कि आपकी कमाई सही कामों में लगे और बढ़ती रहे।

क़दम 8: मंत्र जाप

"ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" का 11, 21 या 108 बार जाप करें। बच्चे भी साथ जप सकते हैं।

क़दम 9: आरती

आरती की थाली गोल घुमाते हुए "ॐ जय लक्ष्मी माता" गाएँ। घंटी बजाएँ। फिर आरती की लौ की गर्माहट हाथों से आँखों पर लगाएँ।

क़दम 10: पूरे घर को रोशन करें

पूजा के बाद मुख्य द्वार, खिड़कियों, रसोई, जल स्थान और हर कोने में दीपक जलाएँ। कई परिवार एक दीपक पूरी रात जलता रखते हैं।

लोग अक्सर ये छोटी गलतियाँ करते हैं

  • घर की सफ़ाई से पहले पूजा शुरू कर देना
  • दीपावली की रात मुख्य द्वार पर अंधेरा रखना
  • मूर्तियों को सीधे ज़मीन पर रखना
  • शुरुआत में गणेश जी को भूल जाना
  • मेहमान आने की जल्दी में पूजा निपटाना। जल्दबाज़ी के एक घंटे से शांति के 20 मिनट बेहतर हैं।

लक्ष्मी, कमला और रक्षा करने वाली माँ

शक्ति परंपरा में माँ लक्ष्मी को कमला या कमलात्मिका के रूप में भी पूजा जाता है, जो दस महाविद्याओं में से एक हैं और समृद्धि व कृपा देने वाली माँ हैं। उसी रात भक्त माँ काली की भी पूजा करते हैं, जो समृद्धि के रास्ते की बाधाएँ हटाती हैं। इसके बारे में हमारी काली पूजा 2026 गाइड में और पढ़ें।

यदि आप लक्ष्मी के आगमन से पहले घर को हल्का और शुद्ध करना चाहते हैं, तो घर से नकारात्मक ऊर्जा हटाने की हमारी सरल गाइड में इस हफ़्ते करने लायक आसान उपाय हैं।

क्या आप अपने नाम से पूजा करवाना चाहते हैं?

यदि आप यात्रा पर हैं, विदेश में रहते हैं, या चाहते हैं कि पूजा पुजारी करें, तो अखाड़ा मनाली आश्रम में आपके नाम और गोत्र के संकल्प के साथ समृद्धि के लिए कमलात्मिका पूजा करता है। आप इसे कहीं से भी लाइव देख सकते हैं।

यदि पैसों की परेशानियाँ बार-बार लौटती हैं, तो हमारा व्यापार समस्या समाधान देखें या व्यक्तिगत परामर्श बुक करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपावली 2026 में लक्ष्मी पूजा का समय क्या है?

लक्ष्मी पूजा 2026 रविवार, 8 नवंबर को है। नई दिल्ली में मुहूर्त लगभग शाम 5:55 से 7:50 बजे तक है।

क्या बिना पंडित के घर पर लक्ष्मी पूजा कर सकते हैं?

हाँ। अधिकतर परिवार स्वयं ही पूजा करते हैं। ऊपर दिए सरल क़दम श्रद्धा से करें, इतना ही पर्याप्त है।

पूजा के समय किस दिशा में बैठें?

पूजा स्थान घर के उत्तर या पूर्व भाग में बनाएँ, ताकि प्रार्थना करते समय आपका मुख उत्तर या पूर्व की ओर हो।

लक्ष्मी पूजा में कौन सा मंत्र जपें?

"ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" सरल और सबसे प्रचलित मंत्र है। आप "ॐ जय लक्ष्मी माता" आरती भी गा सकते हैं।

माँ लक्ष्मी को क्या भोग लगाएँ?

खील और बताशे पारंपरिक भोग हैं। दूध की मिठाइयाँ, चावल की खीर, फल और मेवे भी अर्पित किए जाते हैं।

आपको और आपके परिवार को उज्ज्वल, शांत और समृद्ध दीपावली की शुभकामनाएँ। जय माँ लक्ष्मी।

विषय: lakshmi puja · diwali · puja vidhi · maa lakshmi · kamalatmika · prosperity · festivals · home puja

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व्यक्तिगत परामर्श में अखाड़े को बताएँ कि आप किस स्थिति का सामना कर रहे हैं। आपको मार्गदर्शन मिलेगा, और पूजा तभी सुझाई जाएगी जब वह सहायक हो।